पटना , जून 01 -- बिहार संग्रहालय में गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों के लिए पहली बार मुफ्त समर कैंप आयोजित किया जा रहा है। यह छह दिवसीय कैंप दो जून से सात जून तक चलेगा, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भाग लेकर कला एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे।

बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि समर कैंप को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया है। उन्होंने बताया कि जूनियर ग्रुप में कक्षा 5वीं से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है, जबकि सीनियर ग्रुप में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह कैंप पूरी तरह नि:शुल्क है। प्रत्येक सत्र में कुल 50 प्रतिभागियों के लिए सीटें निर्धारित की गई हैं।

कैंप के दौरान बच्चों को तीन प्रमुख विधाओं 'टेराकोटा कला, मास्क मेकिंग तथा हिंदी एवं अंग्रेजी कहानी लेखन' का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विषयों की बारीकियां अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा सिखाई जाएंगी, जिससे प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें सृजनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। संग्रहालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समर कैंप का उद्घाटन बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अजनी कुमार सिंह द्वारा किया जाएगा। कैंप के अंतर्गत प्रतिदिन दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहला सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तथा दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित