, Aug. 25 -- श्री संत रविदास विकास शिविरों की खासियत यह होगी कि ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। सरकारी भवनों अथवा मैदानों में लगाए जाने वाले इन शिविरों में संबंधित विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। पात्रता के अनुसार आवेदन, दस्तावेजों की प्रक्रिया और योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई मौके पर ही किए जाने पर जोर रहेगा।शिविरों में 22 प्रमुख योजनाओं एवं सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, शिक्षा में दाखिला, आंगनबाड़ी सेवाएं, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता, ई-श्रम/श्रमिक कार्ड, आयुष्मान भारत/स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, वास-भूमि बंदोबस्ती और सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं।

इसके अलावा हर घर नल-जल, पक्की गली-नाली, मनरेगा जॉब कार्ड, जन-धन खाता, जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा, बिजली कनेक्शन, जीविका समूह और लोहिया स्वच्छता अभियान से पात्र परिवारों को जोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति आबादी वाले टोलों में पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाकर शत-प्रतिशत संतुष्टि सुनिश्चित करना है। टोलेवार और परिवारवार मैपिंग से प्रशासन को स्थानीय जरूरतों की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी और उसी के आधार पर योजनाओं की पहुंच बढ़ाई जा सकेगी।

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