, May 30 -- कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जाएगा। इन गतिविधियों में जिला प्रशासन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से जुड़े कर्मी, स्वयं सहायता समूह, स्वच्छाग्रही, सफाईकर्मी, महिलाएं, युवा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के सदस्य तथा स्थानीय संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

विशेष ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के अंतर्गत कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों को गीला (जैविक) कचरा, सूखा (पुनर्चक्रण योग्य) कचरा, सैनिटरी कचरा तथा विशेष देखभाल कचरा (इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दवाइयां आदि) के पृथक्करण के संबंध में जागरूक किया जाएगा.इसके अतिरिक्त खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने पर प्रतिबंध, गीले कचरे के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, उपयोगकर्ता शुल्क के भुगतान, बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियों तथा पंचायत स्तर पर आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के आकलन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। वार्ड सदस्य एवं मुखिया को कचरा पृथक्करण एवं स्वच्छता प्रबंधन के लिए लीड फैसिलिटेटर की भूमिका निभाने के लिये प्रेरित किया जाएगा।

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ग्रामीण विकास विभाग, बिहार द्वारा 01 जून से 05 जून 2026 तक "स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु" अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल संरक्षण से संबंधित व्यवहारगत बदलाव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही 'कचरा से धन' की अवधारणा, सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों के संचालन एवं रखरखाव तथा जनभागीदारी पर विशेष बल दिया जाएगा।

राज्य सरकार का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए स्वच्छ, हरित एवं सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।

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