पटना , जुलाई 23 -- बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की लगातार अनुपस्थिति का मुद्दा गुरुवार को सत्तापक्ष के सदस्यों ने उठाया और इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भी पूछ लिया, अब बता ही दीजिये कहां हैं नेता प्रतिपक्ष।सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेजस्वी यादव की विधायी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए उनकी अनुपस्थिति की जानकारी सदन को दिए जाने की मांग की।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने वर्ष 2026-27 के आय-व्यय के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान यह मुद्दा उठाया और विधानसभा से नेता प्रतिपक्ष की बार-बार गैरहाजिरी पर चिंता जताई।
अध्यक्ष को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि सदन को यह जानने का अधिकार है कि नेता प्रतिपक्ष कहां हैं। उन्होंने कहा, "संसदीय लोकतंत्र की ताकत एक सतर्क विपक्ष में निहित होती है। सरकार तभी सुशासन सुनिश्चित कर सकती है, जब विपक्ष सजग रहे और सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग ले।"उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की लंबे समय से अनुपस्थिति विधानसभा की गरिमा के प्रतिकूल है।
श्री सिन्हा ने कहा, "सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष इस सदन की प्रतिष्ठा के प्रतीक हैं। विधानसभा को यह जानने का अधिकार है कि नेता प्रतिपक्ष कहां हैं, वे सुरक्षित हैं या नहीं, देश में हैं या विदेश में। पीठासीन अधिकारी को सदन को इसकी जानकारी देनी चाहिए।"विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने भी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक कुमार सर्वजीत से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बारे में सदन को जानकारी देने का आग्रह किया।
इस पर राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने तेजस्वी यादव का बचाव करते हुए कहा कि पूरा देश और मीडिया जानता है कि वह अपने अस्वस्थ पिता तथा राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की देखभाल के लिए दिल्ली में हैं, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हालांकि, भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने हमला और तेज करते हुए आरोप लगाया कि मानसून सत्र की पूरी कार्यवाही के दौरान तेजस्वी यादव अनुपस्थित रहे हैं।
उन्होंने कहा, "जब-जब सदन की कार्यवाही हुई, नेता प्रतिपक्ष मौजूद नहीं रहे। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें विधानसभा से कैसी एलर्जी है। नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी भी सदन के प्रति समान जिम्मेदारी है।"श्री मिश्रा ने कुमार सर्वजीत के बचाव पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने तेजस्वी यादव का उल्लेख केवल "अपने नेता के पुत्र" के रूप में किया, न कि नेता प्रतिपक्ष या पार्टी नेता के रूप में।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित