, April 6 -- प्रधान सचिव सीके अनिल ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं तथा अंचल अधिकारियों को पत्र जारी किया है।

जारी निर्देश के अनुसार, राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत 16 दिसंबर 2025 से राज्य में "ईज ऑफ लिविंग" का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के जन कल्याण संवाद के दौरान यह अपेक्षा सामने आई है कि आम लोगों की भूमि से जुड़ी समस्याओं का समाधान शीघ्र हो। इसके लिए मुख्य सचिव के निर्देश पर आयोजित सोमवारीय सभा और शुक्रवारीय दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरलीकरण के उद्देश्य से गत चार महीनों में कई महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किए गए हैं तथा मामलों के निस्तारण में लागू फिफो सिद्धांत को 30 जून 2026 तक स्थगित किया जा चुका है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि दो अप्रैल को सारण (छपरा) तथा चार अप्रैल को मुंगेर में आयोजित जन कल्याण संवाद के दौरान यह तथ्य सामने आया कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ मामलों में निर्धारित प्राथमिकता का पालन नहीं किया जा रहा है। इसे देखते हुए विभाग ने पुनः निर्देश दिया है कि कुछ विशेष श्रेणियों के आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।इनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदक, विधवा महिलाएं, सेना में कार्यरत या सेवानिवृत्त जवान, सुरक्षाकर्मी तथा अन्य राज्यों में कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारी शामिल हैं।

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