, March 24 -- इस सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, अधिकारी, कलाकार एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल बिहार दिवस के उत्सव को गरिमा प्रदान की, बल्कि कला और संस्कृति के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश भी प्रसारित किया।
डॉ. विजयलक्ष्मी का व्यक्तित्व प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का अद्वितीय उदाहरण है। बचपन से ही भरतनाट्यम के प्रति उनका गहरा रूझान रहा है, जिसे उन्होंने अपने व्यस्त प्रशासनिक दायित्वों के साथ निरंतर साधना के तौर पर बनाए रखा। विभिन्न मंचों पर उनकी प्रस्तुतियां भारतीय शास्त्रीय कला की गरिमा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती रही हैं।
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