, March 11 -- राज्य में अवसंरचना विकास की तेज गति के कारण पड़ोसी और अन्य राज्यों से बड़ी मात्रा में बालू, पत्थर सहित विभिन्न लघु खनिजों का आयात किया जा रहा है। अब तक इन खनिजों की मात्रा, प्रकार और परिवहन के अनुश्रवण के लिए कोई समग्र प्रणाली लागू नहीं थी। नई व्यवस्था के तहत सिस्टम इंटीग्रेटर के माध्यम से राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज लदे वाहनों का डिजिटल अनुश्रवण किया जाएगा।

इस निर्णय से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही अन्य राज्यों से होने वाले अवैध खनन और अवैध परिवहन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। एक ही चालान के आधार पर कई बार खनिज ढुलाई करने जैसी अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।नई व्यवस्था के तहत सीमावर्ती जिलों के प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है।

खनिज लदे वाहनों की निगरानी के लिए राज्य की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे वाहनों की आवाजाही का सतत निरीक्षण किया जा सके। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस पहल से खनिजों के वैध स्रोत की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी तथा खनन एवं परिवहन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी। इससे पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित