, Oct. 6 -- पहले चरण में पाटलिपुत्र एवं नूतन राजधानी अंचल में वार्ड-वार विशेष शिविरों का आयोजन शुरू किया गया है। शुरुआती दो दिनों में दोनों अंचलों में आयोजित शिविरों के दौरान 60 से अधिक संपत्तियों का नया कर निर्धारण, 16 संपत्तियों में कर संशोधन एवं 6 संपत्तियों का पुनर्निर्धारण किया गया।वहीं, इन दोनों अंचलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से 211 संपत्तियों से लगभग 14 लाख रुपये का संपत्ति कर संग्रहण भी किया गया है। इससे स्पष्ट है कि शिविरों के माध्यम से नागरिकों को कर संबंधी सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराने के साथ-साथ संपत्ति कर संग्रहण को भी गति मिल रही है।पटना नगर निगम द्वारा संपत्ति कर के भुगतान एवं कर निर्धारण को लेकर निर्धारित समय-सीमा के बाद अब सख्ती भी बढ़ाई जा रही है। अक्टूबर 2026 से बकाया संपत्ति कर की राशि पर प्रति माह 1.5 फीसदी की दर से पेनाल्टी लागू है।वहीं, निगम के सर्वेक्षण के दौरान कर के दायरे से बाहर पाई गई संपत्तियों पर जनवरी 2027 से 100 फीसदी जुर्माना लगाते हुए संपत्ति का कर निर्धारण किया जाएगा। इसलिए कर के दायरे से बाहर पाई गई संपत्तियों के मालिकों से अपील की गई है कि वे 31 दिसंबर 2026 तक विशेष शिविर में पहुंचकर अपनी संपत्ति का कर निर्धारण अवश्य करा लें।

पटना नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में कर निर्धारण नहीं कराने वाले संपत्ति मालिकों के विरुद्ध बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें नियमानुसार कुर्की-जप्ती, बैंक खाते को फ्रीज करना, संपत्ति की बिक्री तथा गिरफ्तारी वारंट सहित अन्य कार्रवाई का प्रावधान है।

नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करते हुए अपने नजदीकी विशेष शिविर में पहुंचकर संपत्ति कर से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें। इससे नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही सुविधाजनक तरीके से कर संबंधी सेवाएं प्राप्त होंगी तथा संपत्ति कर संबंधी रिकॉर्ड भी अद्यतन हो सकेगा।

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