, May 25 -- श्री यादव ने कहा कि सहकारिता मॉडल के माध्यम से किसानों की सामूहिक शक्ति को बढ़ावा देकर उन्हें संगठित बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (पीवीसीएस ) को उत्पादन विपणन एग्री बिजनेस के माध्यम से जोडकर राज्य के ग्रामीण जनसंख्या को रोजगार के असीम अवसर उपलब्ध कराया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि वेजफेड किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती तकनीक, प्रसंस्करण सुविधाओं एवं विपणन व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति राज्य के हर गाँव हर प्रखण्ड तक पहुँचे एवं सहकारिता के मॉडल के आधार पर सब्जी उत्पादक किसानों को बाजार से जोड़कर उन्हें उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाया जाय। उन्होंने कहा कि क्रेता-विक्रेता का सम्मेलन आपसी विश्वास को और बढ़ावा देकर किसानों के सब्ती उत्पादों को बेहतर बाजार एवं मूल्य उपलब्ध कराने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
श्री सिंह ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बिहार के सब्जी उत्पादक किसानों को प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति एवं सब्जी संघों के माध्यम से होटल, रिटेल श्रृंखलाओं, प्रसंस्करण इकाइयों एवं अन्य संस्थागत खरीदारों से सीधे जोड़ना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
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