, May 26 -- मंत्री ने कहा कि इस प्रशिक्षण में कृषि और गैर कृषि क्षेत्रों में नए अवसरों जैसे कि जैविक खेती, खाद्य प्रोसेसिंग, औषधीय पौधों की खेती, सोलर प्लांट और पैकेजिंग आदि की जानकारी दी जाएगी, जिससे ग्रामीण युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें। इस मौके पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का प्रशिक्षण जिला स्तर, राज्य स्तर और राज्य के बाहर भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के साथ-साथ समितियों के अध्यक्ष और प्रबंधकों को भी राज्य के बाहर प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
वहीं सहयोग समितियों के निबंधक रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि पैक्स से जुड़े सभी लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। यहां प्रशिक्षित सभी मास्टर ट्रेनर अपने यहां की प्रबंधकारिणी समिति के लोगों को प्रशिक्षित करेंगे और वे अपने समिति के लोगों को प्रशिक्षण देंगे।
सहकारिता विभाग के प्रयास से अब तक 256 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 302 पीवीसीएस अध्यक्ष, 296 सहायक प्रबंधक, 99 सब्जी पर्यवेक्षक तथा 3,624 बोर्ड सदस्यों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मास्टर ट्रेनरों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत फसल प्रबंधन, कृषि आधारित मोबाइल ऐप्स, डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं आधुनिक डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे किसान तकनीकी रूप से सक्षम होकर प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें।
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