, Sept. 21 -- मंत्री ने बैंकिंग व्यवस्था में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारी बैंकों में भी डिजिटलीकरण एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं को सरल, पारदर्शी, सुरक्षित एवं ग्राहक-केंद्रित बनाया जाना चाहिए। बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे ने बताया कि वित्तीय सुदृढ़ता, ग्रामीण विकास एवं वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता देते हुए बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाया जा रहा है। विगत वित्तीय वर्ष में बैंक ने अपनी परिसंपत्तियों की गुणवत्ता, ऋण वितरण प्रणाली तथा परिचालन दक्षता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

बैंक द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के सहयोग से राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक समय पर एवं किफायती ऋण सुविधा पहुँचाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों, महिला उद्यमियों, दुग्ध उत्पादकों तथा सूक्ष्म उद्यमियों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

बैंक की ओर से एनपीए नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन एवं परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन को भी प्राथमिकता दी गई है।

बैंक के प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान ने बैंक की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रगति एवं तकनीकी आधुनिकीकरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बैंक की भावी कार्ययोजना में डिजिटल बैंकिंग, तकनीकी नवाचार, वित्तीय समावेशन, ग्राहक सेवा में सुधार तथा सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया।

इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक (साख), सहयोग समितियाँ मनोज कुमार सिंह, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे, प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान, बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह, सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित