, Sept. 1 -- बैठक में आईपीएल के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (एमओयू ) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एमओयू का प्रारूप तैयार कर विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है तथा अनुमोदित प्रारूप आईपीएल को सहमति के लिए भेजा जा चुका है। इसके साथ ही रैयाम एवं सकरी चीनी मिलों की भूमि को प्रस्तावित रूप से आईपीएल को 30 वर्षों की लीज पर हस्तांतरित किए जाने से संबंधित प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।दोनों नई सहकारी चीनी मिलों की प्रस्तावित कुल परियोजना लागत लगभग Rs.852.43 करोड़ रुपये है। इसमें रैयाम परियोजना की अनुमानित लागत Rs.504.67 करोड़ रुपये तथा सकरी परियोजना की अनुमानित लागत Rs.347.76 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ गन्ना उत्पादन, कृषि सेवाओं, परिवहन तथा स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी गति मिलेगी।
मंत्री श्री यादव ने समीक्षा के दौरान कहा कि दोनों चीनी मिल परियोजनाओं की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार किसानों की सक्रिय भागीदारी है। इसी उद्देश्य से रैयाम एवं सकरी के कमांड एरिया में प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य सरकार की यह पहल सहकारिता, कृषि और उद्योग तीनों को एक साथ जोड़ते हुए किसान-केंद्रित विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। किसानों की भागीदारी के प्रति उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रैयाम कमांड एरिया से 12,264 और सकरी कमांड एरिया से 15,716, कुल 27,980 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।
प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियां किसानों को संबंधित चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति की सुविधा देने के साथ-साथ उन्नत गन्ना बीज, कृषि आदान, तकनीकी सहायता, मिट्टी जांच, प्रशिक्षण एवं जागरूकता जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए गांव-वार गन्ना क्षेत्र के आकलन एवं क्षेत्र विस्तार की योजना पर भी काम किया जाएगा।
किसानों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के लिए सहकारी बैंकों के साथ समन्वय किया जाएगा। साथ ही, कृषि यंत्रीकरण और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को कृषि मशीनरी एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
बैठक में धर्मेंद्र सिंह, सचिव, सहकारिता विभाग,रजनीश कुमार सिंह, निबंधक, सहयोग समितियाँ एवं विकास कुमार बारियार, अपर निबंधक (न्यायिक), सहयोग समितियाँ सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
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