, Oct. 9 -- खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में मगध प्रमंडल में निर्धारित लक्ष्य 5,84,748 मीट्रिक टन के विरुद्ध 5,84,125.50 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई, जो लक्ष्य का लगभग 99.89 प्रतिशत है। वहीं, कोसी प्रमंडल में 2,71,992 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 2,71,889.24 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति हुई, जो लक्ष्य का लगभग 99.96 प्रतिशत है। मगध प्रमंडल द्वारा राज्य खाद्य निगम को समतुल्य चावल की आपूर्ति 99.23 प्रतिशत तथा कोसी प्रमंडल में 97.23 प्रतिशत प्रतिवेदित की गई। मंत्री ने अधिप्राप्ति से संबंधित शेष कार्यों एवं चावल आपूर्ति की लंबित प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निदेश दिया।

बैंक मित्रों एवं माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।

मंत्री ने बैंक मित्रों के माध्यम से माइक्रो एटीएम की डोरस्टेप सुविधा को अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया, जिससे ग्रामीणों को बैंक शाखाओं तक जाने की आवश्यकता कम हो तथा उन्हें अपने गांव एवं घर के निकट बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिल सके।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में 01 अप्रैल से 25 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, मगध प्रमंडल में ई-पैक्स एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से कुल 935 किसान क्रेडिट कार्ड खातों से संबंधित ऋण वितरण दर्ज किया गया, जिसकी कुल राशि 573.58 लाख रुपये है। कोसी प्रमंडल में इसी अवधि में 62 खातों के माध्यम से 35.40 लाख रुपये के ऋण वितरण का विवरण प्रस्तुत किया गया।

मंत्री ने किसानों तक ऋण सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने सहकारी बैंकों को वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, लंबित मामलों का निष्पादन तथा किसानों एवं ग्रामीण ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना संबंधित पदाधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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