, April 7 -- श्री यादव ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देने एवं किसानों के आय में वृद्धि तथा उन्हें उचित बाजार एवं विपणन की व्यवस्था के लिये बिहार राज्य जैविक मिशन का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत एक महत्वकांक्षी पहल है। जैविक कोरिडोर जिलो में मुख्य रूप से सब्जी की खेती की जाती है। इसके अतिरिक्त विशिष्ट फसलों यथा- काला गेहूँ, कतरनी चावल, बैगनी, पीले एवं हरे रंग का फूलगोभी, ब्रोकली, लाल, पीला एवं हरा सिमला मिर्च, ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ड्रीप तथा स्प्रींक्लर सिंचाई को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है। उन्होंने कहा कि जल छाजन क्षेत्रों में नये जल स्रोतो के सृजन के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। नए जल स्रोतो के सृजन से सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि जल होगा तो हरियाली होगी और हरियाली होगी तो जीवन होगी। इसलिए जल-जीवन हरियाली अभियान प्रदेश ही नहीं विश्व के प्रत्येक मानव का अभियान बनना चाहिए। हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि इस अभियान को केवल सरकार की पहल न मानकर, इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें। यदि हर व्यक्ति जल बचाने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए छोटा सा भी योगदान दें, तो हम इस धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए हरा-भरा और जल समृद्ध बना सकते है।
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