, March 22 -- श्री यादव ने कहा कि कृषि विभाग की ओर से इस अवसर पर गांधी मैदान में 30 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में कृषि पवेलियन का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में कृषि के क्षेत्र में हो रही नवीनतम तकनीकों की जानकारी बिहार के किसान भाइयों एवं बहनों तथा आम जन को उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि विकास के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परिकल्पना कृषि रोड मैप के क्रियान्वयन से खाद्यान्न एवं बागवानी फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि को प्रदर्शित किया गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि कि ''जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम'' से संबंधित बिहार के कृषि संस्थान बोरलॉग इंस्टिच्यूट फॉर साऊथ एशिया, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर द्वारा विभिन्न फसलों की समय पर बुआई, जलवायु के अनुकूल फसल चक्र का चयन, मिट्टी एवं जलवायु के अनुकूल परिस्थितियों के अनुरूप संभावित फसल विविधीकरण, जल, पोषक तत्त्व एवं खरपतवार का समुचित प्रबंधन, कृषि यंत्रों यथा हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ बेलर के माध्यम से फसल के अवशेषों का प्रबंधन आदि क्रियाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार के मार्गदर्शन में उद्यान निदेशालय द्वारा सूक्ष्म सिंचाई योजना कार्यान्वित की जा रही है, जिसके अंतर्गत किसानों को इस पर 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सिंचाई पद्धति से किसानों को कम उत्पादन लागत से अधिक आय प्राप्त होगी। इसके साथ-साथ छत पर बागवानी योजना का जीवंत प्रदर्शन भी किया जा रहा है तथा मखाना, मशरूम, अचार, सब्जी बीज उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रुट, ऐपल बेर आदि के उत्पाद एवं नर्सरी का प्रदर्शन किया जा रहा है।
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