पटना, अप्रैल 23 -- बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने गुरुवार को खेल प्रशिक्षकों के कार्यों की समीक्षा की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

खेल प्राधिकरण में आज राज्य के एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केन्द्र ,खेलो इंडिया स्माल सेंटर और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षकों के कार्यों की समीक्षा बैठक की गई, जिसमे विभिन्न खेलों के 100 से ज्यादा प्रशिक्षक इसमें शामिल हुए।

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शंकरण ने बताया कि बिहार में बुनियादी स्तर पर खेल प्रतिभा को प्रशिक्षण के माध्यम से तराश कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इस लक्ष्य को पूरा करने में खेल प्रशिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

श्री शंकरण ने बताया कि बुनियादी स्तर पर विभिन्न खेलों में खिलाडियों को तैयार करने के उद्देश्य से बिहार के विभिन्न जिलों में 64 एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केन्द्र खोले जा रहे हैं जहां पर चयन ट्रायल के बाद खिलाड़ियों को चयनित कर दाखिल किया जाता है। इसमें प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों के आवासन, खेल उपकरण, भोजन शिक्षण तथा प्रशिक्षण की संपूर्ण और समुचित व्यवस्था सरकार करती है। इसी तरह की व्यवस्था राज्य भर में फैले 30 से ज्यादा खेलो इंडिया स्माल सेंटर में भी की गयी है।

खेल प्राधिकरण के महानिदेशक की अध्यक्षता और उप निदेशक हिमांशु सिंह तथा क्रीड़ा कार्यपालक आनंदी कुमार की उपस्थिति में आयोजित खेल प्रशिक्षकों की समीक्षा बैठक में राज्य भर से आए प्रशिक्षकों ने अपने अपने केन्द्रों की प्रगति रिपोर्ट के साथ वहां की जरूरतों, समस्याओं और सुधार की सम्भावनाओं के बारे में अवगत कराया।

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