, March 13 -- आज इस मेला में पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, सारण, सिवान एवं गोपालगंज जिले के 2725 किसानों ने भाग लिया। आज तक इस प्रदर्शनी-सह-मेला में राज्य के 15 हजार से अधिक किसान/आगन्तुक आये। इस मेले में किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं है। कोई भी किसान/व्यक्ति स्वेच्छा से इस प्रदर्शनी/मेला में भाग ले सकते हैं।
मेला में आज 108 कृषि यंत्रों पर सरकार द्वारा 75.34 लाख रूपये का अनुदान दिया गया। इन कृषि यंत्रों का बाजार मूल्य लगभग 1.92 करोड़ रूपये है। इस प्रकार 02 दिनों में कुल 238 कृषि यंत्रों का क्रय पर कुल 134.86 लाख रूपये से अधिक अनुदान दिया गया।
किसान पाठशाला में आज प्रतिभागी किसानों को बागवानी, गरमा मूंग एवं मोट आनजों की वैज्ञानिक खेती, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण में उपयोग आने वाले मशीनरी की तकनीकी जानकारी, लेजर लैंड लेवलर रेज्ड बेड प्लांटर कम्बाइंड हार्वेस्टर, पोटेटो प्लान्टर, फसल अवशेष प्रबंधन में आने वाली कृषि यंत्रों की तकनीकी जानकारी, परिचालन विधि, रख-रखाव एवं आवश्यक मरम्मती पर वैज्ञानिकों, सहायक प्राध्यापकों एवं विभागीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिये ऑन-लाईन आवेदन करने की प्रक्रिया एवं इससे संबंधित सॉफ्टवेयर की भी जानकारी दी गई।
मुख्य मंच से नुकक्ड़ नाटक द्वारा कृषि विभाग में चलायें जा रही योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही, संध्या में दर्शकों के मनोरंजन के लिए मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित