पटना , जून 19 -- बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा ) की परियोजना समाशोधन समिति (पीसीसी) ने 30 औद्योगिक परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। उद्योग विभाग के अनुसार स्वीकृत परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में लगभग 627.83 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे 3,329 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन परियोजनाओं के लिए 26.59 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
परियोजनाएं राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों एवं औद्योगिक विकास केंद्रों में स्थापित की जाएंगी, जिनमें सिकंदरपुर, मरंगा, डुमरिया, ईपीआईपी हाजीपुर, एमआईपी बिहटा तथा मुजफ्फरपुर सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आएडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। स्वीकृत परियोजनाएं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और जेनरल मैन्युफैक्चरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं।
उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में निरंतर बढ़ रहा औद्योगिक निवेश राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों तथा निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध होंगे। बिहार सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए राज्य को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आएडा, कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार संतुलित एवं समावेशी औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बियाडा के माध्यम से निवेशकों को पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया के तहत औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही, सुदृढ़ अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, सरल प्रक्रियाओं एवं नीतिगत सहयोग के माध्यम से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं का त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
प्रमुख स्वीकृत इकाइयों में क्रिएटिव गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मिल्कवेल डेयरी प्राइवेट लिमिटेड, कॉस्मोजिंग फूडलैब्स प्राइवेट लिमिटेड, एमवीएस पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड तथा निश्चय पॉलीफैब्स प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं।
विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित