पटना , अप्रैल 17 -- ेंद्रीय विद्यालय संगठन, पटना संभाग की ओर से बिहार के विभिन्न जिलों में 19 नए प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई है।
इस रिपोर्ट में विद्यालय निर्माण के लिये भूमि की स्थिति, अनापत्ति प्रमाण पत्र की अद्यतन जानकारी और अस्थायी भवनों के रखरखाव से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया गया है। विद्यालय निर्माण की इस प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।
कई प्रस्तावित स्थानों पर भूमि उपयुक्त पाई गई है, लेकिन विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र की प्रतीक्षा की जा रही है। भागलपुर टाउन (स्वास्थ्य विभाग), कैमूर, झंझारपुर और मुंगेर टाउन (कृषि विभाग), मधुबनी के रामपट्टी (पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग) तथा मुजफ्फरपुर के बेला औद्योगिक क्षेत्र (बियाडा) में भूमि चयनित कर ली गई है, लेकिन एनओसी लंबित है।
पटना के वाल्मी में भी संबंधित विभाग से एनओसी अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त गयाजी (बोधगया), कटिहार और दरभंगा (एम्स के निकट) में भूमि उपयुक्त पाई गई है। मधेपुरा में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। भोजपुर के आरा टाउन और पूर्णिया में चयनित भूमि उपयुक्त है, लेकिन वहाँ क्रमशः संपर्क मार्ग के निर्माण और अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है। शेखपुरा, सीतामढ़ी और नालंदा जैसे जिलों में भी वैकल्पिक और उपयुक्त भूमि की पहचान कर ली गई है। अरवल और पटना (दीघा) में भी भूमि और अस्थायी भवनों को लेकर प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित