, July 17 -- पटना, 17 जुलाई बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने देश की प्रमुख सामाजिक एवं कॉरपोरेट संस्थाओं से बिहार में निवेश करने और सामाजिक विकास कार्यों के लिए आगे आने का आह्वान किया है।

कर्नाटक के मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में स्वर्ण जयंती समारोह के मौके पर आयोजित सीएसआर कॉन्क्लेव-2026 को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में देश के अन्य राज्यों की तुलना में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिब्लिटी (सीएसआर) मद में अपेक्षाकृत कम खर्च होता है। ऐसे में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं के लिए बिहार में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं तथा प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेशकों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।

श्री तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार विभिन्न संस्थाओं ने दक्षिण भारत में समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उसी प्रकार उत्तर भारत, विशेषकर बिहार के विकास में भी सहभागिता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का यह मंच उत्तर और दक्षिण भारत के मिलन का प्रतीक है। जिस तरह आपने दक्षिण को संवारा, उसी तरह उत्तर को संवारने की भी जिम्मेदारी आपकी है।

शिक्षा मंत्री ने सत्य साई ग्राम में संचालित वेद विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने संस्थान की निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, स्वच्छता और समाज के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक मॉडल बताया।

श्री तिवारी ने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु मधुसूदन साई से बिहार में भी कर्नाटक की तर्ज पर शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संस्थान स्थापित करने का आग्रह किया। कहा कि मिशन लंबे समय से बिहार में अवसर तलाश रही है। आज सरकार खुद आपके पास आई है। उन्होंने कहा कि बिहार के लगभग 97 हजार विद्यालयों में दो करोड़ से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें इस प्रकार की पहल से प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।

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