पटना , जून 05 -- ाज्य में वाहन जनित प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता घटाने के लिए परिवहन विभाग इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्रोत्साहित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। विभाग ईवी खरीद और चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर भारी अनुदान दे रहा है। राज्य में ईवी वाहनों की संख्या बढ़ने से सालाना 7.5 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो जाएगी, जिससे स्वच्छ वातावरण का निर्माण होगा।
विभाग के अनुसार, ईवी को आमजन के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए न सिर्फ वाहन खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है। बल्कि चार्जिंग स्टेशन लगवाने पर भी अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत विभिन्न चार्जर की खरीद और इसे लगाने पर 75 हजार रुपये से लेकर अधिकतम दो लाख 25 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
परिवहन विभाग के आंकलन के अनुसार, राज्य में मौजूद सभी तरह के वाहनों की कुल संख्या में 30 फीसदी वाहन अगर ईवी यानी बैट्री आधारित वाहन हो जाएंगे, तो ईंधन की सालाना बचत 7.50 करोड़ लीटर हो जाएगी। इससे करोड़ों रुपये की बचत भी होगी। हाल में राज्य कैबिनेट के स्तर पर हुई बैठक में इससे संबंधित एक महत्वपूर्ण एजेंडा पारित किया गया था। इसके मुताबिक, वर्ष 2030 तक राज्य में कुल वाहनों की संख्या में 30 फीसदी वाहन बैट्री आधारित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर विभाग के स्तर पर कई प्रोत्साहन नीति भी लाई गई है और कुछ नई नीतियां लाने की भी संभावना है।
बढ़ती ईवी संख्या को देखते हुए सरकार आम नागरिकों को सुगम चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी में है। राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों, पेट्रोल पंपों, होटल-मोटल्स, बस टर्मिनल, व्यावसायिक क्षेत्रों, पार्किंग स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले उद्यमियों और संस्थाओं को आकर्षक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के तहत महिलाओं को ई-चारपहिया वाहन खरीदने पर एक लाख रुपये और ई-दोपहिया वाहन की खरीद पर 12 हजार रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान है। वहीं, ई-वाहनों की खरीद पर 50 प्रतिशत टैक्स में छूट भी दी जा रही है।
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