पटना , अप्रैल 06 -- बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश में शराबबंदी कानून के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कहा कि यह कानून अपने उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रहा है और इससे भ्रष्टाचार तथा अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है।

श्री यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला किया और आरोप लगाया कि शराबबंदी के नाम पर अधिकारियों और शराब माफियाओं के बीच सांठगांठ से "संस्थागत भ्रष्टाचार" को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इससे राज्य में एक समानांतर काला बाजार खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि शराब नीति की कथित विफलता से राज्य में लगभग 40,000 करोड़ रुपये की समानांतर काली अर्थव्यवस्था पैदा हुई है।

राजद नेता ने कहा कि 05 अप्रैल 2016 को लागू इस कानून को शराबखोरी पर नियंत्रण और महिलाओं को सशक्त बनाने के सामाजिक सुधार के रूप में पेश किया गया था। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लागू होने के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक शराब से संबंधित मामले दर्ज हुए और 16 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 05 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की गई, जिससे स्पस्ट है की शराब की पहुंच राज्य में बनी रही है।

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