पटना, जुलाई 15 -- बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने बुधवार को कहा कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक आत्मनिर्भरता लाने के उद्देश्य से शुरू की गई ''जीविका परियोजना'' आज महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आर्थिक आंदोलन का रूप ले चुकी है।श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि आज बिहार की लाखों ग्रामीण महिलाएं खेती, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और विभिन्न लघु उद्योगों के जरिए न सिर्फ अपने परिवारों की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की अग्रिम भूमिका में खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों का यह बढ़ता आत्मविश्वास नए और विकसित बिहार की बदलती हुई खूबसूरत तस्वीर पेश करता है। इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय केंद्र एवं राज्य की डबल इंजन सरकार की नीतियों और शीर्ष नेतृत्व की दूरदर्शिता को जाता है।

श्री पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि श्री मोदी ने देश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ''लखपति दीदी'' और ''ड्रोन दीदी'' जैसी दूरगामी योजनाओं का जो संकल्प लिया था, बिहार आज उसे जमीनी स्तर पर चरितार्थ कर रहा है।

श्री पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच ने ही बिहार में ''जीविका'' की नींव रखी थी। महिलाओं को सशक्त करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का जो सपना उन्होंने वर्षों पहले देखा था। आज वह वटवृक्ष बनकर करोड़ों परिवारों को सहारा दे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण राज्य में इन कल्याणकारी योजनाओं को एक नई गति और विस्तार मिला है। उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ऋण प्रक्रियाओं को सरल बनाने से लेकर उन्हें बाजार उपलब्ध कराने तक सरकार हर स्तर पर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

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