पटना , अक्टूबर 11 -- ाज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए एक ढाल के रूप में पुलिस दीदी का गठन किया गया है। अभय ब्रिगेड के नाम से भी जाने जानी वाली पुलिस महकमे की यह विशेष महिला टीम दुर्गा के नवरूप में समाहित नौ अलग अलग शक्ति की एक महत्वपूर्ण रूप की तरह ही है। इस वर्ष जुलाई महीने में इसके गठन की अंतिम रूप से अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद से एक महीने यानी अगस्त तक इसके स्तर से की गई प्रभावी कार्रवाई के परिणाम सामने आने लगे। महज एक महीने में पुलिस दीदी ने 790 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की और विभिन्न थानों में 21 मामले दर्ज किए गए।

इस खास टीम को अधिक सबलता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 26 अगस्त को एक हजार स्कूटी का वितरण किया था। फिलहाल 1500 स्कूटी की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

राज्यभर में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थाना स्तर पर 1040 टीमों का गठन किया गया है। आने वाले समय में इनकी संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है।

राज्य के सभी जिलों में महिलाओं या बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से स्कूल, महिला कॉलेज, कोचिंग संस्थान, महिला छात्रावास, मॉल, पार्क, सिनेमा हॉल, मेला या प्रदर्शनी, हाट एवं अन्य वैसे सार्वजनिक स्थल जहां महिलाओं या बालिकाओं का आवागमन सर्वाधिक होता है, वैसे स्थलों या हॉट-स्पॉटों को चिन्हित कर थानास्तर इनका गठन किया गया है।

पुलिस दीदी की टीम में एक स्कूटी पर दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसे लेकर जारी आदेश के अनुसार, टीम के सदस्यों की प्रतिनियुक्ति जिले के उपलब्ध बल से ही की जाएगी। यह टीम संबंधित थानाध्यक्षों के नियंत्रण एवं निर्देशन में काम करेगी। प्रत्येक जिले के पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध/पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केन्द्र इसके नोडल पदाधिकारी होंगे। टीम का कोई सदस्य अवकाश पर अथवा अन्य किसी कारणवश अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केन्द्र या थानाध्यक्ष रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार बल उपलब्ध कराएंगे। पुलिस दीदी टीम की कुल संख्या का 18 प्रतिशत अतिरिक्त बल रिजर्व के रूप में रखा जाएगा।

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 21 जुलाई से 10 अगस्त तक राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों, कोचिंग संस्थानों या छात्रावासों में अध्ययन करने वाले छात्रों एवं बालकों को महिलाओं या बालिकाओं पर छींटाकशी, अभद्र टिप्पणियां, छेड़-छाड़, बलात्कार अथवा उनका पीछा किए जाने जैसे अपराधों से संबंधित विधिक प्रावधानों एवं कानून में उल्लेखित दंड के प्रति जागरूक या संवेदनशील कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान "ऑपरेशन विधि पालक युवक" चलाया गया था। इसके तहत पुलिस दीदी की टीमों ने 2694 संस्थानों, जिसमें से 2113 स्कूल, 67 कॉलेज एवं 514 अन्य स्थानों (छात्रावास, हाट बाजार, चौक, रेलवे स्टेशन इत्यादि) में अभियान चलाया और 279941 छात्र एवं छात्राओं एवं अन्य को जागरूक किया गया। इसमें भी पुलिस दीदी की भूमिका अहम रही थी।

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