, Oct. 7 -- पटना, 07 अक्टूबर। बिहार में प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन गंडक, गंगा, बूढ़ी गंडक और कोसी समेत कई नदियों के कुछ स्थानों पर पानी अब भी खतरे के निशान से ऊपर रहने के कारण सरकार ने सतर्कता और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

जल संसाधन विभाग की बुधवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की प्रमुख नदियों में जलस्तर घटने का रुझान बना हुआ है। हालांकि गंडक नदी गोपालगंज के डुमरियाघाट में 62.24 मीटर पर बह रही है, जो 62.22 मीटर के खतरे के निशान से 0.02 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर फिलहाल स्थिर है। सुबह आठ बजे के गंडक गेज बुलेटिन में भी डुमरियाघाट पर जलस्तर 62.24 मीटर दर्ज किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में 37.26 मीटर पर है, जबकि यहां खतरे का निशान 36.58 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 0.68 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि यहां भी जलस्तर में गिरावट का रुझान है।

गंगा नदी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान के आसपास अथवा उससे ऊपर है। पटना के गांधी घाट में जलस्तर 48.61 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से 0.01 मीटर ऊपर है। हाथीदह में नदी 41.89 मीटर पर है, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर है। भागलपुर के कहलगांव में जलस्तर 31.85 मीटर है, जो 31.09 मीटर के खतरे के निशान से 0.76 मीटर अधिक है। हालांकि गंगा के इन सभी स्थलों पर जलस्तर घटने का रुझान दर्ज किया गया है।

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