पटना , फरवरी 23 -- बिहार विधान परिषद में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सोमवार को बताया कि राज्य में दाल प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है, लेकिन उत्पादन की कमी के कारण प्रति व्यक्ति प्रतिदिन केवल 8.25 ग्राम दाल ही उपलब्ध हो पा रही है, जबकि राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को 25 ग्राम दाल प्रतिदिन मिलनी चाहिये।
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने यह जानकारी बिहार में दाल की प्रति व्यक्ति उपलब्धता से जुड़े तारांकित प्रश्न के उत्तर में दी, जो जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधान पार्षद नीरज कुमार ने पूछा था।
मंत्री श्री यादव ने बताया कि वर्तमान में राज्य अपनी कुल दलहन खपत का केवल 33 प्रतिशत ही उत्पादन कर पा रहा है। उत्पादन बढ़ाने के लिये कृषि रोडमैप के तहत विभिन्न योजनायें चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किये गये विशेष अभियान 'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन' के अंतर्गत 93.75 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, जबकि राज्य योजना के तहत 30 करोड़ रुपये व्यय का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में दलहन बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिये 45,922 क्विंटल प्रमाणित बीज और 2,043 क्विंटल आधार बीज उत्पादन की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त 1,15,742 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले नये प्रभेदों के बीज अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराये जायेंगे, जिससे 4.14 लाख हेक्टेयर में दलहनी फसलों का क्षेत्र विस्तार संभव है।
मंत्री श्री यादव ने बताया कि बड़हिया- मोकामा- फतुहा टाल क्षेत्र समेत नालंदा, मुंगेर, भागलपुर, शेखपुरा और लखीसराय के टाल इलाकों में 80 प्रतिशत अनुदान पर अरहर, मसूर, मटर, मूंग और उड़द के बीज वितरित किये जा रहे हैं। वर्ष 2025- 26 में खरीफ और रबी मौसम के लक्ष्यों में शत- प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है, जबकि गरम मौसम के लिये भी बड़े पैमाने पर प्रत्यक्षण और बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। कुल मिलाकर लगभग 2.21 लाख एकड़ क्षेत्र को आच्छादित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि टाल और अन्य क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिये प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और राज्य योजना के तहत 80 प्रतिशत अनुदान पर ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम दिये जा रहे हैं। साथ ही किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिये दलहन प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना और दाल मिल लगाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि सरकार ने आगामी पांच वर्षों में दलहन का रकबा 4.48 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 9.19 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 3.93 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 11.27 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा है, जिससे बिहार दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सके।
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