पटना , सितंबर 24 -- ाज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं, चिकित्सकीय सामग्रियों, कंज्यूमेबल्स और री-एजेंट्स की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर इंडेंट रिव्यू एवं कन्फर्मेशन कमेटी का गठन किया गया है।नई व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्रियों की वास्तविक जरूरत का सही आकलन करना है। अब दवाओं की मांग केवल पुराने उपयोग या उपलब्ध स्टॉक के आधार पर तय नहीं की जाएगी। इसके लिए मरीजों की संख्या, ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी में मरीजों का दबाव, मौसमी बीमारियां, क्षेत्र विशेष में बीमारियों की स्थिति, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं, उपलब्ध दवाओं का मौजूदा स्टॉक और सप्लाई की स्थिति जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
राज्य स्वास्थ्य समिति की नई व्यवस्था पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य दवा आपूर्ति प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जरूरत आधारित और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं और आवश्यक चिकित्सा सामग्रियों की उपलब्धता को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे मरीजों को समय पर आवश्यक दवाएं मिलेंगी, साथ ही मांग, आपूर्ति और स्टॉक प्रबंधन की प्रक्रिया व्यवस्थित होगी।
वहीं, इस व्यवस्था से अस्पतालों में जरूरी दवाओं की कमी यानी स्टॉक-आउट की स्थिति को रोकने, आवश्यकता से अधिक दवाओं की खरीद से बचने और दवाओं के एक्सपायर होने के कारण होने वाली बर्बादी को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही सरकारी संसाधान का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को समय पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित कराया जायेगा।
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