पटना , जुलाई 25 -- िहार सरकार की सात निश्चय-3 के अंतर्गत "समृद्ध उद्योग - सशक्त बिहार" के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य में चीनी उद्योग एवं गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। गन्ना उद्योग विभाग इसके लिए व्यापक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
गन्ना उद्योग विभाग द्वारा नई चीनी मिलों की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी सहयोग, गन्ना क्षेत्र विस्तार तथा किसानों की आय वृद्धि को केंद्र में रखकर कार्य किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी पहल की निगरानी एवं क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न परियोजनाओं एवं निवेश प्रस्तावों की नियमित समीक्षा कर रही है।
राज्य सरकार एवं सहकारिता विभाग द्वारा राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ), नई दिल्ली के साथ महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है। इस समझौते के अंतर्गत बंद पड़ी सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों की तकनीकी एवं आर्थिक संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन कराया गया है। एनएफसीएसएफ द्वारा दोनों चीनी मिलों की संभाव्यता फिजिब्लिटी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों के पुनः संचालन हेतु इंडियन पोटाश लिमिटेड से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इन ऐतिहासिक चीनी मिलों के पुनरुद्धार से मिथिलांचल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गन्ना किसानों को बेहतर बाजार एवं आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी।
चनपटिया चीनी मिल से संबंधित मामला वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। राज्य सरकार इस मामले के त्वरित निष्पादन के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्य सचिव, बिहार द्वारा भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुरोध किया गया था, जिसके आलोक में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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