पटना , अक्टूबर 09 -- बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार राज्य सरकार एनर्जी ट्रैन्ज़िशन की ओर सकारात्मक कदम बढ़ाते हुए बिहार ग्रीन (हरित) हाइड्रोजन नीति, 2026 लागू कर रही है,इससे अगले पाच वर्षों में एक लाख टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा, जो अन्य राज्यों के सापेक्ष में बेहतर है। इसका कुल प्रोत्साहन राशि 1040.25 करोड़ रुपये है। इससे निवेशक बिहार में लगभग 16 हजार करोड़ की राशि हरित हाइड्रोजन के उद्योग के क्षेत्र में निवेश कर सकेंगे।
उर्जा मंत्री ने कहा कि बिहार ग्रीन (हरित) हाइड्रोजन नीति, 2026 को लागू करने का उद्देश्य भारत सरकार के 5 प्वाइंट एक्शन प्लान नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन के तहत 2030 तक कार्बन डाईआक्साईड के उत्सर्जन को 1 बीलियन टन कम करना है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में बिहार राज्य का पूर्ण भागीदारी भी होगी।उन्होंने बताया कि बिहार ग्रीन (हरित) हाइड्रोजन नीति, 2026 राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक विकास एवं रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल है। माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में लागू की जा रही इस नीति के तहत अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष एक लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
मंत्री ने कहा कि यह नीति बिहार को हरित ऊर्जा एवं औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के लिए रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प बिहार को स्वच्छ ऊर्जा, हरित औद्योगिकीकरण और सतत आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है। बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026 इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी तथा राज्य के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित