पटना , सितंबर 18 -- बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए राज्य में उपयुक्त जलवायु वाले क्षेत्रों में ऑयल पाम की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि इससे किसानों को दीर्घकालिक और स्थिर आय का अवसर मिलने के साथ खाद्य तेल के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा।
श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं पर लगातार काम कर रही है। ऑयल पाम ऐसी दीर्घकालिक फसल है, जो उपयुक्त क्षेत्रों के किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान कर सकती है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को पौध सामग्री, सिंचाई, उत्पादन, खरीद, प्रसंस्करण और बाजार तक समग्र व्यवस्था उपलब्ध हो।
कृषि मंत्री ने कहा कि भारत अपनी खाद्य तेल की आवश्यकता का लगभग 56 से 57 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों में ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।
श्री सिन्हा ने बताया कि योजना के तहत ऑयल पाम की खेती करने वाले किसानों को पौध सामग्री की खरीद के लिए प्रति हेक्टेयर 29 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा शुरुआती चार वर्षों में फसल के रखरखाव और खाली भूमि में अंतरवर्ती फसलों की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10,500 रुपये का विशेष अनुदान मिलेगा।
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