पटना , सितंबर 07 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को कहा कि राज्य में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और संस्कारयुक्त शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'आर्ट ऑफ लिविंग' के सहयोग से शैक्षिक एवं आध्यात्मिक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से आज जारी सूचना के अनुसार, श्री तिवारी ने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से बेंगलुरु स्थित 'आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर' में मुलाकात कर बिहार में विश्वविद्यालय की स्थापना का आग्रह किया। प्रस्तावित विश्वविद्यालय में ध्यान केंद्र, आयुर्वेद केंद्र और गुरुकुल की व्यवस्था होगी। यहां वैदिक शिक्षा के साथ विज्ञान की भी पढ़ाई कराई जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे संस्थान की स्थापना से बिहार के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, मानसिक संतुलन और जीवन-मूल्यों की शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने श्री श्री रविशंकर से आग्रह किया कि जिस प्रकार दुनिया के विभिन्न देशों में आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, उसी प्रकार बिहार में भी एक संस्थान स्थापित किया जाए, जिससे राज्य के शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
इस बातचीत के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने पर भी सहमति बनी। संस्था की टीम शीघ्र पटना आकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करेगी।
समझौते के तहत राज्य के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में आर्ट ऑफ लिविंग के पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण से शिक्षकों को परिचित कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक नैतिक शिक्षा और जीवन-मूल्यों से जुड़े पाठ्यक्रम विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगे। इसकी शुरुआत सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में स्थापित सभी मॉडल स्कूलों से की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से राज्य के अन्य विद्यालयों में भी इसे लागू किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित