, April 25 -- केवटी विधायक डा. मुरारी मोहन झा ने माता जानकी को नारी सशक्तिकरण का पहला सशक्त उदाहरण बताते कहा कि यह हम सभी के लिए गौरव की बात है कि करुणा निधान को भी मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने वाली सिया मिथिला की धिया हैं।

दरभंगा ग्रामीण के विधायक ईश्वर मंडल ने कहा कि जानकी नवमी के दिन होने वाले राजकीय अवकाश का सदुपयोग उनकी महिमा का अनुसरण करने और इसका विस्तार करने से होगा। उन्होंने जानकी नवमी को राष्ट्रीय पर्व घोषित किए जाने का सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प लिया।

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय ने कहा कि इसमें जरा भी संदेह नहीं है कि मिथिला विद्वानों की धरती है। यहां की वाणी काफी मधुर है और यहाँ के लोग उससे भी अधिक धैर्यवान हैं। उन्होंने माँ जानकी को त्याग एवं समर्पण का बेहतर उदाहरण बताते कहा कि उन्होंने एक पत्नी, माँ, बेटी, बहू एवं भाभी की जो आदर्श छवि प्रस्तुत की, वह आज भी मिथिला की संस्कृति और संस्कार में कायम है, यह मिथिलावासी के लिए निश्चित रूप से गौरव की बात है। उन्होंने जय श्रीराम के बाद जय सियाराम के राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे उद्घोष को मिथिला के लिए शुभ संकेत बताया।

पूर्व कुलपति पं देवनारायण झा ने कहा कि धन्य है मिथिला की धरती जहां मांँ मैथिली ने अवतार लिया। उन्होंने मां जानकी को अष्ट सिद्धि व नौ निधि की दातृ बताते हुए विभिन्न रामायणों में वर्णित जानकी के जीवन दर्शन को विस्तार से रेखांकित किया। डॉ. सुरेश्वर झा ने भी अपने विचार रखे।

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