, May 6 -- मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी ब्लॉक की 45 वर्षीय अंजना लाभ मधुबनी कला में निपुण हैं। 25 वर्षों से मधुबनी कला से जुड़े होने के बावजूद उनका काम सीमित क्षेत्रों तक ही सिमटा हुआ था, जिससे आय भी कम थी। शक्ति बाजार की ट्रेनिंग और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अंजना ने उत्पाद प्रस्तुतीकरण, पैकिंग, ग्राहक संबंध और डिजिटल मार्केटिंग में महारत हासिल कर ली। आज वह अपने उत्पादों को दूसरे राज्य जैसे मुंबई, लखनऊ और वाराणसी में भी बेच रहीं है। अब वह महज एक कलाकार नहीं, बल्कि एक सफल महिला उद्यमी हैं। उनके पास जीएसटी सर्टिफिकेशन, कलाकार कार्ड और उद्यम रजिस्ट्रेशन है। सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी आय सालाना लगभग चार लाख रुपये तक पहुंच गई है।

मुजफ्फरपुर की बीरपुर पंचायत की नीतू कुमारी वोम्पो की संस्थापक हैं। उन्होंने बताया कि शक्ति बाजार से जुड़ने के बाद उनके व्यापार में बड़ा बदलाव आया है। अब उनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन हो गया है और खाड़ी मॉल में स्थायी स्टॉल भी मिल गया है। वह पिछले छह वर्षों से वे घर से ही मखाना आधारित स्नैक्स, अचार एवं अन्य स्थानीय उत्पादों का व्यवसाय चला रही थीं, लेकिन बाजार की कम समझ के कारण वो आसपास की दुकानों तक ही सीमित थी। सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिलने के बाद अब उनकी सालाना आय ढाई लाख से बढ़कर चार लाख रुपये हो गई है।

नालंदा जिले के गोवारा पंचायत के नेप्पुरा गांव की गुड़िया ने शक्ति धारा की ऑनलाइन ट्रेनिंग के दौरान उद्यमिता के गुर सीखे और अपने उत्पादों को डिजिटल दुनिया तक पहुंचाया। ग्लोबल बाजार में अपनी कला को स्वीकारा जाते देख उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित इंट्रेप्रेनारी मेला 2.0 में अपनी कला का प्रदर्शन किया, जहां उनकी खूब सराहना हुई। अपनी झिझक को दूर कर आज गुड़िया पहले से दोगुनी कमाई कर रही हैं और अपनी बुनाई कला को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।

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