, May 27 -- बिहार महादलित टोला जल तीन अंतिम पटनाविभागीय सचिव राजेश कुमार ने कहा कि जिन इलाकों के भूजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन तत्वों के कारण प्रदूषण है, इन क्षेत्रों के लिए सतही जल आधारित बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं संचालित करना विभाग की प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में गंगा, सोन और सुरसर नदी को स्रोत बनाकर बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण किया गया है। भागलपुर, वैशाली, बक्सर, बेगूसराय, भोजपुर, नवादा, नालंदा समेत अन्य जिलों में संचालित योजनाओं के माध्यम से लाखों लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे जुड़ी 14 योजनाएं पूर्ण होकर चालू हो गई हैं, दो निर्माणाधीन हैं। दो अन्य योजनाओं का सर्वेक्षण विभाग के स्तर से कराया जा चुका है।
सचिव ने कहा कि सुपौल, कैमूर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत अन्य कई जिलों के लिए नई बहुग्रामीण योजनाओं का प्रस्ताव भारत सरकार को जल-जीवन मिशन के अंतर्गत भेजा गया है। इनके पूर्ण होने पर हजारों गांवों के लोगों को सतही जल आधारित सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। वहीं, जल की गुणवत्ता की जांच करने के लिए 75 अनुमंडल स्तरीय प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं।
इस अवसर पर इंजीनियर इन चीफ नित्यानंद प्रसाद समेत अन्य मौजूद थे।
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