बिहार मंत्रिमंडल निर्णयपटना , जुलाई 29 -- बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति(एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 विशेष अनन्य न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दे दी।
इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए पटना में दो अतिरिक्त विशेष न्यायालय तथा मुजफ्फरपुर में एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे।
मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि आज सरकार ने 24 निर्णयों पर मुहर लगाई, जिनमे राज्य के 19 न्यायिक प्रमंडलों में प्रत्येक एक्सक्लूसिव विशेष न्यायालय के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के एक-एक, कुल 19 पदों के सृजन को मंजूरी शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
श्री चौधरी ने बताया कि ये न्यायालय पश्चिम चंपारण (बेतिया), मधुबनी, भोजपुर (आरा), सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद तथा लखीसराय में स्थापित किए जाएंगे।
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