, Sept. 23 -- परवरिश योजना की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान के रूप में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र बच्चे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें तथा क्षेत्र स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान और अनुश्रवण की प्रभावी व्यवस्था हो।बैठक में बाल कल्याण समिति एवं चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने बच्चों से संबंधित मामलों में त्वरित हस्तक्षेप, आवश्यक संरक्षण एवं पुनर्वास तथा मामलों के प्रभावी अनुश्रवण के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला पदाधिकारी ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उनकी पात्रता के अनुरूप योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं, प्रावधानों एवं बच्चों के अधिकारों के प्रति नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया। इसका उद्देश्य बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपलब्ध सुविधाओं, सहायता तंत्र एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

जिला पदाधिकारी ने बाल संरक्षण के लिए कार्यरत सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय, नियमित अनुश्रवण और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों के संरक्षण, सुरक्षा, पुनर्वास एवं समुचित विकास से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न हो तथा संबंधित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला प्रशासन द्वारा जिले में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, पात्र बच्चों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा उनके समुचित विकास के लिए समन्वित रूप से निरंतर कार्य किया जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित