, Sept. 21 -- जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी दुकानदारों, प्रतिष्ठान संचालकों, होटल-रेस्तरां संचालकों एवं अन्य नियोजकों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों से श्रम नहीं कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल श्रम की सूचना मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन द्वारा बाल श्रम को रोकने के साथ-साथ विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के पुनर्वास एवं उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विमुक्त बाल श्रमिक एवं उसके परिवार को पात्रतानुसार विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
श्रम अधीक्षक, वैशाली अलख निरंजन ने बताया कि विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति, हाजीपुर के समक्ष सुपुर्द कर दिया गया है। संबंधित नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा अन्य अनुवर्ती कार्रवाई के लिए संबंधित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है।
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986, यथा संशोधित 2016 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। न्यूनतम मजदूरी से संबंधित प्रावधानों के तहत भी नियोजक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नियमानुसार बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ विमुक्त बाल श्रमिक के पुनर्वास के लिए निर्धारित राशि जमा कराने की कार्रवाई भी की जाती है।
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