, Oct. 14 -- मंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन के प्रति सरकार की नीति सख्त है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज संपदा की रक्षा, राजस्व की हानि पर रोक तथा वैध खनन व्यवस्था को मजबूत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा पिछले चार महीनों के दौरान अननीलामित 10 बालूघाटों की निविदा प्रक्रिया पूरी की गई है। इनमें से नौ बालूघाटों पर मार्च 2027 से खनन शुरू होने की संभावना है। इनसे सरकार को लगभग 76 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होने का अनुमान है।

विभाग का उद्देश्य खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित करते हुए खनन क्षेत्र में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। बालू खनन की पुनः शुरुआत तथा नए नीलामित घाटों से आगामी महीनों में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। इससे निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

राज्य सरकार पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए वैध खनन गतिविधियों के संचालन, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व संग्रह में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग का संकल्प है कि बिहार की खनिज संपदा का उपयोग जनहित, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और राज्य के आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर किया जाए।

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