, May 18 -- भविष्य के संग्रहालय के विषय में डॉ. अहमद ने कहा कि भविष्य में शोध पर आधारित म्यूजियम होगा। आभासी म्यूजियम की भी योजनाएँ सामने आयेगी, कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि एक क्लिक पर चीजें मौजूद होंगी। साथ ही भविष्य के म्यूजियम में प्रकृति और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा। उन्होंने भविष्य के संग्रहालयों में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर विस्तार से अपनी बातों को रखा। उन्होंने कहा कि आज अधिकतर संग्रहालयों में AI का उपयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित सुपरिचित संग्रहालयविद् डॉ. शिव कुमार मिश्र ने कहा कि संग्रहालय भविष्य के लिए होता है आवश्यकता है संग्रहालय को आकर्षक बनाया जाए तथा संग्रहालय के लिए जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने बिहार के क्षेत्रीय संग्रहालयों को ठीक से विकसित करने तथा उचित रख-रखाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके बाद श्रोताओं के साथ एक संक्षिप्त संवाद कार्यक्रम भी हुआ। कार्यक्रम का समापन उप निदेशक, बापू टावर ललित कुमार सिंह के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ तथा मंच संचालन अरूण कुमार पाठक, अवर सचिव, बापू टावर द्वारा किया गया।
इस अवसर पर शहर के प्रसिद्ध शिक्षाविद् विभिन्न कॉलेजों के अध्यापक और प्राध्यापकों की उपस्थिति रही। साथ ही बी.डी. कॉलेज, ए.एन. कॉलेज, अरविन्द महिला कॉलेज एवं मगध महिला कॉलेज के छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सभागार में बापू टावर के सभी पदाधिकारी और इंटर्न की उपस्थिति रही।
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