, Sept. 2 -- अधिकारीद्वय ने बताया कि आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाए रखने के लिए कुल 13 जिलों में कुल 286 नावों का परिचालन हो रहा है। इनमें दरभंगा में 14, मधुबनी में 11, पश्चिम चम्पारण में 05, कटिहार में 22, मधेपुरा में 48, पूर्णिया में 35, खगड़िया में 41, सहरसा में 06, वैशाली में 51, बेगूसराय में 17, भागलपुर में 04, समस्तीपुर में 18 एवं मुंगेर में 14 नाव परिचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित एवं निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के बीच पॉलीथीन शीट और राशन का वितरण तेजी से किया जा रहा है। पश्चिम चम्पारण, पूर्णिया, सुपौल, भागलपुर और वैशाली सहित 05 जिलों में 2600 से अधिक पॉलीथीन शीट का वितरण किया गया है। इसके साथ ही, पश्चिम चम्पारण के मधुबनी प्रखंड अंतर्गत चिउराही पंचायत और भागलपुर के सबौर प्रखंड के प्रभावित परिवारों को ड्राई राशन पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं।संभावित बाढ़ से बचाव के लिए राज्य में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 09 टीमों को विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। यह टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। भागलपुर के सबौर प्रखंड में हुए कटाव के बाद बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कटाव निरोधी कार्य युद्धस्तर पर कर रहा है।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा (दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, कहलगांव), गंडक (डुमरिया घाट), बागमती (बेनीबाद), कोसी (बलतारा, कुर्सेला), बूढ़ी गंडक (खगड़िया) और पुनपुन (श्रीपालपुर) नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इन्द्रपुरी बराज (सोन नदी) में 01 सितंबर को अपरान्ह 4 बजे 4,85,156 क्यूसेक का अधिकतम जलस्राव दर्ज किया गया, जिसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है। तत्संबंधी जिलों के जिला पदाधिकारी व अन्य पदाधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों को सतर्क रहने का आह्वान किया जा रहा है। वीरपुर बराज (कोसी नदी) में 2,03,195 क्यूसेक जलस्राव दर्ज हुआ है।
वहीं, वाल्मीकिनगर बराज (गंडक नदी) में 1,47,500 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया है और इसमें घटने की प्रवृत्ति देखी गई है। विभाग ने सभी जिलों को स्थिति पर नजर रखने के साथ बाढ़ एसओपी के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम सेवा केन्द्र के अनुसार 01 जून से 01 सितंबर तक राज्य में सामान्य से 30 फीसदी कम (541.6 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है। अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन हर पल स्थिति की निगरानी कर रहा है, जिससे आम जनता को सुरक्षित रखा जा सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित