, Sept. 18 -- विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों को नदी के किनारे, कटाव वाले क्षेत्रों तथा जलभराव वाले स्थानों से दूर रखने की अपील की गई है। बाढ़ के बाद भूमि के अंदर पानी के कारण कई स्थानों पर मिट्टी कमजोर हो सकती है, इसलिए ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतना आवश्यक है।यदि किसी स्थान पर भूमि धँसने, दरार पड़ने, नया कटाव होने, कटाव बढ़ने अथवा तटबंध/सड़क के कमजोर होने की स्थिति दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित स्थानीय पदाधिकारी को दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बाढ़ का पानी निकलने के बाद घरों, सार्वजनिक स्थलों एवं पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। लोगों से अपील की गई है कि प्रशासन द्वारा किए जा रहे ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों में सहयोग करें तथा बिना शुद्ध किए पानी का सेवन न करें।
जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। स्थिति सामान्य होने तक संबंधित विभागों एवं स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी एवं आवश्यक सहायता जारी रहेगी।
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