, Sept. 24 -- राज्य के 15 जिलों में अरवल, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, पटना, समस्तीपुर, सारण, वैशाली, लखीसराय, पूर्णिया और मधेपुरा के कई के दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित हुए जहां अलग-अलग विभागों की ओर से आपसी सामंजस्य में राहत और बचाव कार्य चलाया गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, स्वच्छता सुनिश्चित कराने की दिशा में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचइडी) ने भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित पटना, आरा, वैशाली, सारण, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया आदि के 72 प्रखंडों की 300 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ पेयजल की निरंतर आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए सैकड़ों चापाकलों की मरम्मत किया गया। साथ ही टैंकरों और वाटर एटीएम से शुद्ध पानी का वितरण आदि कार्य किए जा रहे हैं।
विभाग की ओर से राहत शिविरों में शरण लिए हुए लोगों के लिए शौचालय एवं स्नानागार की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि संभावित बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 444 से अधिक चापाकलों का डिसइन्फेक्शन (कीटाणुशोधन) किया गया है। साथ ही, 125 से अधिक क्षतिग्रस्त चापाकलों की त्वरित मरम्मत की गई है। आपातकालीन पेयजल आपूर्ति के लिए प्रभावित इलाकों में 147 टैंकर, 1 वाटर एटीएम और कई जलापूर्ति योजनाओं को चालू रखा गया है। साथ ही संचालित 147 राहत शिविरों में 1,662 शौचालयों और 153 स्नानागारों का निर्माण किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में 167 जलस्रोत की जांच की गई ताकि लोगों के बीच प्रदूषित और संक्रमित जलापूर्ति का खतरा न रहे।
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