, June 7 -- डॉ. कुमार ने नगर निगम क्षेत्र के पार्कों के रखरखाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनके बेहतर संरक्षण और संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सकें। उन्होंने शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई।उन्होंने शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहरीकरण और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के कारण पार्किंग की समुचित व्यवस्था विकसित करना समय की मांग है। इसके लिए आधुनिक पार्किंग सुविधाओं के विकास की ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में नगर निगम और विभागीय योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

डॉ. कुमार ने कहा कि विकास योजनाओं में सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा सामग्री खरीद, वाहन संचालन और अन्य कार्यों की नियमित समीक्षा कर अनावश्यक व्यय पर रोक लगाई जाए। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा प्राप्त शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए ।

बैठक में बोधगया मास्टर प्लान, डेल्हा बस स्टैंड विकास, यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।

डॉ. कुमार ने कहा कि गया और बोधगया के विकास के लिए राज्य सरकार तथा विभागीय एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य करें, जिससे क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने भी विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर बल दिया।

डॉ. कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से गया शहर में आधारभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार होगा तथा नागरिकों को बेहतर शहरी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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