, Sept. 9 -- स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 20 मेडिकल कैंप संचालित हैं। 28 एम्बुलेंस एवं 6 बोट एम्बुलेंस के माध्यम से प्रभावित एवं जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा रही है। वहीं, राहत सामग्री के रूप में अब तक 10,600 से अधिक पॉलीथीन शीट का वितरण किया जा चुका है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा एवं उपचार के लिए 22 पशु शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 1,600 क्विंटल से अधिक पशु चारा वितरित किया गया है तथा लगभग 3,000 प्रभावित पशुओं का उपचार किया जा चुका है।
अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों तथा जल संसाधन विभाग के बाढ़ सुरक्षा प्रमंडलों द्वारा तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी तटबंधों पर क्षति, ओवरटॉपिंग अथवा रिसाव की सूचना प्राप्त हुई, वहां तत्काल फ्लड फाइटिंग एवं सुरक्षात्मक कार्य शुरू कर तटबंधों को सुरक्षित एवं सुदृढ़ किया गया।
पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, पटना सिटी द्वारा धनरुआ प्रखंड में दरधा नदी के तटबंध पर सीताचक, अलीपुर, वीर, देवदाहा एवं भखरी तथा दनियावां प्रखंड में महतमाइन नदी के तटबंध पर कश्मीरिया एवं मुरेरा में क्षतिग्रस्त स्थलों पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य किए गए। इसी प्रकार पटना सदर के पुनपुन नदी क्षेत्र में माधोपुर एवं कनकोठिया, पुनपुन प्रखंड के कुर्रा नवादा तथा संपतचक प्रखंड में बंगला, कोली रिंगबांध एवं कमरजी रिंगबांध में भी क्षति की सूचना मिलते ही त्वरित फ्लड फाइटिंग कार्य किया गया। इन स्थलों पर आवश्यक सुदृढ़ीकरण का कार्य भी किया गया।इसी प्रमंडल द्वारा पुनपुन, दरधा, महतमाइन एवं मोरहर नदियों पर 96 स्थलों पर ओवरटॉपिंग अथवा रिसाव की स्थिति को समय रहते नियंत्रित करते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य किए गए।
वहीं, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, अनीसाबाद द्वारा पुनपुन नदी के तटबंध पर पुनपुन प्रखंड के बरहिया पुल, जाहिदपुर, राजघाट नवादा एवं अलावलपुर तथा पालीगंज प्रखंड के अलीपुर में क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण किया गया। 35 स्थलों पर ओवरटॉपिंग एवं रिसाव की सूचना मिलने पर भी त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
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