, March 13 -- कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक केन्द्रीय क्षेत्रक योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी पात्र रैय्यत किसान परिवारों को आय में सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना का मूल लक्ष्य फसलों के स्वास्थ्य एवं उचित उपज के लिए किसानों को विभिन्न उपादान क्रय करने के लिये वित्तीय मदद करना है, जिससे किसानों के प्रत्याशित कृषि आय को सुनिश्चित किया जा सके। इस योजना का कार्यान्वयन 01.12.2018 से किया जा रहा है तथा इसका लाभ रैय्यत किसान परिवार को दिया जाना है, जिनके पास खेती योग्य भूमि है। यहाँ किसान परिवार से तात्पर्य पति, पत्नी एवं नाबालिग बच्चें से है, यानि परिवार का कर्त्ता/मुखिया ही पात्र होगें।
श्री यादव ने कहा कि इस योजना पर खर्च होने वाली राशि का शत-प्रतिशत वहन केन्द्र सरकार द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत रैय्यत किसान परिवार को सहायता राशि के रूप में 6,000 रूपये प्रतिवर्ष प्रत्येक चार माह के अन्तराल (अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवम्बर एवं दिसम्बर से मार्च) पर किसानों के आधार एवं एनपीसीआई से लिंक बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दिया जाता है।
कृषि मंत्री ने कहा कि चौथा कृषि रोड मैप के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। उन्होंने बताया कि बिहार का प्रसिद्ध मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है, वहीं राज्य के कई कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग भी प्राप्त हुआ है, जिससे उनकी वैश्विक पहचान मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य का अन्नदाता अब ऊर्जादाता भी बन रहा है, क्योंकि किसान जैविक संसाधनों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं और बायो-इथेनॉल के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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