, June 3 -- विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और जल्द ही अन्य संस्थान भी इस श्रेणी में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बिहार में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में हो रहे निरंतर सुधार का प्रमाण है। विभाग के अपर सचिव-सह-निदेशक अहमद महमूद ने कहा कि पिछले दो वर्षों से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे और यह सफलता पूरी टीम की एकजुटता एवं अथक परिश्रम का परिणाम है।
इस उपलब्धि में राज्य प्राविधिक शिक्षा पार्षद (एसबीटीई) के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह तथा उनकी टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मान्यता प्रक्रिया के दौरान विभाग और एसबीटीई द्वारा कई कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। साथ ही डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे के मार्गदर्शन में जागरूकता सत्र और विशेषज्ञों के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए गए।
विभाग ने विश्वास जताया है कि यह उपलब्धि अन्य संस्थानों को भी गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी तथा आने वाले वर्षों में और अधिक संस्थान एनबीए प्रत्यायन प्राप्त कर बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
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