पटना , फरवरी 17 -- बिहार पुलिस में पदस्थापित सिपाही से लेकर पुलिस निरीक्षक तक के कर्मियों के लिये दैनिक विराम भत्ता (10 दिन या उससे अधिक अवधि) की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और सशक्त बनाने का अहम निर्णय लिया गया है।
अब इस भत्ते की स्वीकृति देने का अधिकार सीधे पुलिस महानिरीक्षक या उप-महानिरीक्षक को सौंप दिया गया है।
यह प्रावधान बिहार पुलिस के अधीन आने वाली सभी इकाइयों रेल पुलिस समेत सभी पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इसके साथ ही बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के मंडलीय पुलिस उप-महानिरीक्षक को भी यह अधिकार प्रदान किया गया है, जिससे फील्ड स्तर पर निर्णय प्रक्रिया और अधिक सुचारू हो सकेगी।
इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. कमल किशोर सिंह ने आदेश जारी कर दिया है, जिसे वित्त विभाग की भी सहमति प्राप्त हो चुकी है। जारी आदेश के अनुसार, अब विराम भत्ता स्वीकृत करने की पूर्ण शक्ति पुलिस महानिरीक्षक या उप-महानिरीक्षक को प्रदान की गई है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पहले इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने के कारण बार-बार व्यावहारिक समस्यायें उत्पन्न होती थीं और मुख्यालय स्तर से मार्गदर्शन मांगा जाता था। इस स्थायी समाधान से न केवल प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी, बल्कि कर्मियों को समय पर उनका वैध हक भी मिल सकेगा।
पुलिस महकमे के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और निर्णयों में अनावश्यक विलंब पर रोक लगेगी।
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