, Sept. 19 -- पुनौराधाम के विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी भव्य मंदिर एवं उससे जुड़े भवनों का निर्माण है। विभिन्न प्रस्तावित भवनों के पिलर निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही मंदिर परिसर के परकोटा यानी चारदीवारी के निर्माण और फाउंडेशन तैयार करने का काम भी शुरू हो चुका है। निर्माण स्थल तक आवागमन और कार्य में सुविधा के लिए पहुंच पथ के रूप में मिट्टी सड़क भी तैयार की जा रही है। इससे परियोजना के प्रारंभिक निर्माण कार्यों को गति मिलने लगी है।परियोजना को जमीन पर उतारने से पहले आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को भी पूरा किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार मिट्टी परीक्षण और सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना क्षेत्र से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं के साथ पर्यावरणीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। परियोजना क्षेत्र में मौजूद कुछ परिसंपत्तियों के ध्वस्तीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है, जिससे प्रस्तावित निर्माण के लिए स्थल को तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
पुनौराधाम का विकास केवल भव्य मंदिर के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। प्रस्तावित योजना में मंदिर के साथ परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम, ऑडिटोरियम और महिला हाट जैसी संरचनाओं का विकास शामिल है। इसके साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीर्थयात्रा सुविधा केंद्र, प्रेक्षागृह, वीआईपी एवं संत निवास सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी विकसित करने की योजना है।
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