, Sept. 9 -- पीएमसीएच में मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 500 बेड क्षमता वाला तीसरा ब्लॉक तैयार हो गया है। नौ मंजिले इस भवन को सितंबर के अंतिम सप्ताह तक शुरू करने की तैयारी है। यहां ओपीडी, इमरजेंसी, ट्रायज, जांच और दवा वितरण जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज सीधे ओपीडी पहुंच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा पीएमसीएच में समय-समय पर निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। हालिया समीक्षा बैठक में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र मरीजों को लाभ पहुंचाने तथा इमरजेंसी मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने देने का निर्देश दिया गया। चिकित्सकों को एनएमसी मानकों के अनुरूप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में उपस्थित रहने और इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन दो बार मरीजों का राउंड करने को कहा गया। साथ ही रिक्त चिकित्सकीय पदों को शीघ्र भरने तथा दवा एवं अन्य व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए अमृत फार्मा से बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि पीएमसीएच बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक प्रमुख संस्थान है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उपचार, बेहतर जांच सुविधा, इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर तथा मरीज केंद्रित सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पीएमसीएच का पुनर्विकास केवल अस्पताल की क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य इसे ऐसा आधुनिक चिकित्सा संस्थान बनाना है जहां बिहार के मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर, सुलभ और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य पीएमसीएच को आधुनिक तकनीक, बेहतर उपचार व्यवस्था, मजबूत इमरजेंसी सिस्टम और मरीज अनुकूल सेवाओं के साथ देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में स्थापित करना है।
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