, Sept. 23 -- बैठक में जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास एवं अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास में नामांकन, मेस संचालन, खाद्यान्न आपूर्ति, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी, रसोइया और आरओ समेत अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय 2 उच्च विद्यालयों में सीसीटीवी, शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, पोक्सो एवं पोश समितियों, आपातकालीन वाहन, एएनएम/जीएनएम और एचपीवी वैक्सीनेशन की स्थिति की समीक्षा हुई।वित्तीय मामलों की समीक्षा में विभिन्न जिलों में करीब 1.57 करोड़ रुपये के डीसी विपत्र लंबित पाए गए। इनके समायोजन के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं सहयोग पोर्टल पर प्राप्त परिवादों का ससमय निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला स्तर पर विभागीय व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, स्पष्ट कार्य-विभाजन, अभिलेखों का पूर्ण प्रभार, नियमित निरीक्षण और बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों के सुचारु कार्य के लिये डेटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी कर्मी एवं अन्य आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की जा रही है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि मंत्री के मार्गदर्शन में विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल रही है। प्रभारी जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है,जिससे योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार और नियमित निरीक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समेत क्षेत्र से आए सभी जिलों के प्रभारी जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी मौजूद थे।
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